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Saturday, 4 April 2020

दर्द का रिश्ता - D for Dard ka rishta

दर्द का रिश्ता। 








ख़ुशी। .... 
ख़ुशी के लिए, हम क्यों मरते रहते हैं,
ख़ुशी के लिए - हम क्यों मरते रहते हैं,
दर्द। 
दर्द जब जरूरी है, 
उसका ही रिश्ता सच्चा रिश्ता होता है।
ख़ुशी के लिए, हम क्यों मरते रहते हैं,

माँ। 
माँ बनना है, एक सुखद अनुभूती है ,
गोद भरेगा तभी तो जीवन पूर्ण होगा,
आंगन में किलकारी , मकान तब घर होगा,
पति बाप बनेगा ,खानदान का नाम रौशन होगा ,
अपना खून होगा , अपना वंश आगे  बढ़ेगा,
सच। मगर दर्द। .... 
दर्द होगा तभी तो ये होगा,
तो दर्द - दर्द अपना होता है 
दर्द का रिश्ता ही सच्चा होता है 
दर्द है तभी ख़ुशी है। 
ख़ुशी के लिए, हम क्यों मरते रहते हैं,
वो तो ख़ुद आ जायेगा।
दर्द के बारे में सोचो।  
दर्द संजोगो। 
वही अपना है 
रिश्ता है। 
सच्चा रिश्ता। 


आदित्य सिन्हा
04.04 2020